विगत 03 दिसम्बर को बिके धान के भुगतान की राशि अब तक जमा नहीं, जबकि केंद्र सरकार ने धान ख़रीदी के लिए 09 हज़ार करोड़ रुपए काफ़ी पहले ही दे दिए हैं…

रायपुर/ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव द्वारा किसान दिवस के दिन बुधवार को किए गए उपवास को महज़ राजनीतिक नौटंकी निरूपित किया है। मूणत ने कहा कि जो प्रदेश सरकार किसानों के हित की बड़ी-बड़ी डींगें हाँकने और तुग़लक़ी फ़रमानों से किसानों को परेशान करने के अलावा कोई काम नहीं कर रही है, उस सरकार और उसके मंत्रियों को किसानों के नाम पर ढोंग करना शोभा नहीं देता।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने मंगलवार को धरसींवा, कचना और साँकरा क्षेत्र के किसानों से हुई चर्चा का हवाला देकर कहा कि इन धान ख़रीदी केंद्रों में जिन किसानों का धान विगत 03 दिसम्बर को बिका है, प्रदेश सरकार ने अब तक उनके खातों में भुगतान की राशि जमा नहीं कराई है। यह केंद्र सरकार के कृषि क़ानूनों के उस प्रावधान की स्पष्ट अवमानना है, जिसके मुताबिक़ किसानों को उनकी उपज का पूरा भुगतान 72 घंटों के भीतर किया जाना है। श्री मूणत ने सवाल किया कि जब केंद्र सरकार ने धान ख़रीदी के लिए 09 हज़ार करोड़ रुपए प्रदेश सरकार को काफ़ी पहले ही प्रदान कर दिए हैं तो फ़िर प्रदेश सरकार किसानों का भुगतान करने में आनाकानी क्यों कर रही है?

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री मूणत ने आगे कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कोरी सियासी नौटंकियाँ करके नारेबाजी और झूठे दिलासे देकर किसानों के साथ केवल छलावा करने में लगे हैं वहीं उनके मंत्री सिंहदेव अब उपवास पर बैठकर राजनीतिक पाखंड कर रहे हैं। श्री मूणत ने मंत्री सिंहदेव को याद दिलाया कि वे किसानों को पिछले वर्ष की अंतर राशि का भुगतान किए बिना नई धान ख़रीदी करने पर इस्तीफ़ा देने की बात कर रहे थे, और मुख्यमंत्री बघेल पिछले वर्ष की अंतर राशि का भुगतान आगामी मार्च में करने बात कह चुके हैं। तो मंत्री सिंहदेव अपनी ही कही बात से मुँह चुराते क्यों नज़र आ रहे हैं? मूणत ने कहा कि मंत्री सिंहदेव को अब उपवास की नौटंकी करने के बजाय या तो किसानों को पिछला भुगतान किए बिना नई धान ख़रीदी होने पर इस्तीफ़ा देना चाहिए, या फिर किसानों का पुराना भुगतान कराने और ताज़ा धान ख़रीदी का समय पर पूरा भुगतान कराने की सार्थक पहल करनी चाहिए ताकि प्रदेश के किसानों का भला हो सके।

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