अरविंद तिवारी

पटना/ बिहार में सत्ता विरोधी लहर और विपक्ष की कड़ी चुनौती के बावजूद सत्ताधारी एनडीए गठबंधन ने शानदार जीत दर्ज की है। जदयू तीसरे नंबर की पार्टी होने के बाद भी सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए की बैठक में नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया है। राज्यपाल से नई सरकार की न्यौता मिलने के बाद कभी सात दिन के लिये सीएम रहे नीतीश कुमार आज बिहार के सातवीं बार मुख्यमंत्री बनेंगे। इस शपथ के साथ ही उनके नाम फिर एक रिकॉर्ड दर्ज होगा। वे देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री होंगे जो सातवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। वे पिछले चार दशक से बिहार की राजनीति का केन्द्र बने हुये हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले चार दशक से बिहार की राजनीति का केंद्र बने हुये हैं, वे सातवीं बार बिहार के सीएम पद की शपथ लेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के साथ रहकर राजनीति की शुरुआत करने वाले नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री रहते हुये बिहार में शराबबंदी जैसा बड़ा निर्णय लिया। वे वर्ष 2009 से भाजपा के साथ हैं, वर्ष 2015 में आरजेडी के साथ मिलकर सरकार बना चुके हैं. हालांकि डेढ़ साल के अंदर ही उनका मोह भंग हो गया और वे फिर से भाजपा के साथ आये।

कब-कब मुख्यमंत्री बने

वर्ष 1985 में पहली बार विधायक चुने गये नीतीश कुमार अब तक छह बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं, यह उनका सातवांँ कार्यकाल होगा। पहली बार सन 2000 में 03 मार्च से 10 मार्च तक वह सात दिनों के लिये ही मुख्यमंत्री बने। दूसरी बार 24 नवंबर 2005 से 24 नवंबर 2010 तक मुख्यमंत्री रहे, तीसरी बार 26 नवंबर 2010 से 17 मई 2014 तक राज्य की बागडोर संभाली। चौथी बार 22 फरवरी 2015 से 19 नवंबर 2015 तक उनकी सरकार रही, पांँचवी बार 20 नवम्बर 2015 से  26 जुलाई 2017 तक और 27 जुलाई 2017 से अब तक उनका कार्यकाल रहा। इसी कड़ी में वे आज सातवीं बार वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

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