नई दिल्ली/ कोरोना संकटकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को एक बड़े आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट का सामना करते हुए एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा करते हुए पीएम ने कहा कि 20 लाख करोड़ रुपये देश के विभिन्न वर्गों के लिए दिया जायेगा। देश की कुल जीडीपी का यह 10 प्रतिशत है। कि देश की विकास यात्रा में आत्मनिर्भर भारत को एक नई दिशा देगा। ये आर्थिक पैकेज कुटीर उद्योग श्रमिकों किसानों मंझोले उद्योग मध्यम वर्ग भारतीय उद्योग जगत के लिए होगी। कल से वित्त मंत्री इस आर्थिक पैकेज की विस्तृत जानकारी देंगी।

लॉकडाउन का चौथा चरण कैसा होगा यह जानकारी 18 मई से पहले दी जायेगी। लेकिन कोरोना से बचाव के लिए हमें सभी आवश्यक उपाय मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग अपनाने होंगे।

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना संक्रमण से मुकाबला करते चार माह हो गये हैं। 42 लाख लोग पूरी दुनिया में संक्रमित हुये हैं जबकि पौने तीन लाख मौतें हुईं हैं।

पीएम ने कहा कि एक वायरस ने पूरे विश्व को तहस नहस कर दिया है। मानव जाति के लिए ये अकल्पनीय नुकसान है। लेकिन सतर्क रहते हुए अब हमें बचना भी है और आगे बढ़ना भी है। हमें इस संकट से भी बड़ा संकल्प लेकर इससे निपटना है। हमने कोरोना से पहले की दुनिया हमने देखी और कोरोना के बाद की भी दुनिया हम देख रहे हैं। लेकिन इक्कीसवीं सदी में हमें आत्मनिर्भर भारत की कल्पना को ध्यान में रखकर ही आगे बढ़ना है। आज एक राष्ट्र के रूप में हम एक अहम मोड़ पर खड़े हैं। जब यह संकट शुरू हुआ तब भारत में एक भी पीपीई किट नहीं बन रही थी आज दो लाख किट इस आपदा से लड़ते हुए हम बनाने लगे। हमने आपदा में भी अवसर ढूंढ लिया है।

पीएम ने कहा कि दुनिया में आत्मनिर्भरता की परिभाषा बदल रही है। भारत पूरे विश्व मे अपनी संस्कृति और संस्कार की बदौलत वसुधैव कुटुम्बकम पर आधारित है। आत्मनिर्भरता का मतलब भारत में आत्म केंद्रित होना नहीं है। वरन् पूरे विश्व के कल्याण की भावना से भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। जिसका मूल उद्देश्य विश्व कल्याण है।

तमाम बीमारियों पर भारत के कार्यक्रम का पूरी दुनिया में पड़ता है। जिंदगी और मौत की लड़ाई के बीच भारत की दवाओं ने पूरे विश्व में अपना योगदान दिया है। मानव जाति के कल्याण के लिए भारत बहुत कुछ दे सकता है।

हमारा सदियों का गौरवपूर्ण संपन्न का इतिहास रहा है। गुलामी के दिनों में भारत विकास के लिए तरसता रहा। आज विकास के लिये पूरी दुनिया में भारत की सराहना हो रही है।

कच्छ भूकंप की त्रासदी को याद करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उस समय लगता नहीं था कि कच्छ कभी आगे बढ़ सकता है लेकिन हमारे संकल्प के आगे आज कच्छ फिर से उठ खड़ा हुआ है। आत्मनिर्भरताके लिए पांच पिलर पर भारत टिका हुआ है जिसमें इकानामी, इन्फ्रास्ट्रक्चर, सिस्टम, डेमोक्रेसी, डिमांड है।

मोदी ने कहा कि बीते छह वर्षो में देश में हुये सुधारों की बदौलत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। पीएम ने कहा कि छोटे वर्ग के दुकानदारों ठेली रेहड़ी वालों के लिए इस आर्थिक पैकेज में राहत दी जायेगी।

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