रायपुर/ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने लॉकडाउन में प्रदेश सरकार द्वारा छात्रों को घर बैठे शिक्षा देने के लिए शुरू की गई ‘पढ़ई तुंहर दुआर’ योजना में भारी फर्जीवाड़ा सामने आने पर प्रदेश कांग्रेस सरकार की नीति, नीयत और कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है। उसेंडी ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई जैसे भविष्य निर्माण के क्षेत्र में भी कांग्रेस की सरकार घोटाले से बाज नहीं आ रही है, इससे अधिक दुखद और क्या हो सकता है?

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष उसेंडी ने आगे कहा कि प्रदेश सरकार की नाक के नीचे स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा फर्जीवाड़ा कर समग्र शिक्षा अभियान को पलीता लगाये जाने की ख़बरें सामने आयी है। इस योजना की वेबसाइट लॉन्च हुए महीना भी नहीं हुआ था और उसमें 28 करोड़ विजिटर्स के फायदा उठाने की जानकारी है। उसेंडी ने कहा कि इन विजिटर्स के मोबाइल नंबर्स के नाम पर जो डिजिट दर्ज किए हैं, वे नंबर्स ही इस फर्जीवाड़े का भांडा फोड़ रहे हैं। यह हैरत की बात है कि जिस योजना को 07 अप्रैल को मंजूर किया गया, उसकी वेबसाइट उससे पहले 03 अप्रैल को ही लॉन्च कर दी गई! कोरोना महामारी के संकटकाल में भी प्रदेश सरकार ने इस तरह के फर्जीवाड़े को अंजाम देकर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष उसेंडी ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान केंद्र सरकार की योजना है और प्रदेश सरकार की ‘पढ़ई तुंहर दुआर’ योजना में इसी मद की राशि व्यय होगी। लेकिन इस योजना पर राशि खर्च करने से पहले न तो वार्षिक कार्ययोजना बनाई गई और न ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली इम्पॉवर्ड कमेटी से इसका अनुमोदन कराया गया। इससे साफ है कि विभाग द्वारा समग्र शिक्षा अभियान की करोड़ों रुपए की राशि का खुलेआम भारी दुरुपयोग किया है क्योंकि जिस निजी कंपनी से यह वेबसाइट बनवाई गई है, उसे प्रति व्यूवर के हिसाब से भुगतान किया जाना है और इस कंपनी को नाजायज फायदा पहुँचाने के लिए ही फर्जी व्यूवर बनाकर संख्या बढ़ाकर यह फर्जीवाड़ा रचा गया है। श्री उसेंडी ने इसे अमानत में खयानत का बेहद गंभीर मामला बताते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

बता दें कि इस घोटाले को आरटीआई व सामाजिक कार्यकर्ता शेषनारायण शर्मा ने उजागर किया था, उन्होंने “NNH नेशन न्यूज़ हिंदी डॉट कॉम” से बात करते हुए बताया है कि इस घोटाले से सम्बंधित दस्तावेज मेरे पास हैं, तथा इसको न्यायालय तक ले जाया जाएगा, यदि राज्य सरकार भी न्यायालय के माध्यम से मुझे नोटिस देकर जवाब मांगती है तो वह जवाब देने के लिए तैयार हैं।

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