NNH Political Desk

भोपाल/ मध्यप्रदेश मे कल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तेजी से बदलते राजनैतिक घटनाक्रम के बीच आज कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे का एलान कर दिया, इससे पहले कमलनाथ ने प्रेस-कांफ्रेंस कर पत्रकारों से कहा कि भाजपा को 15 साल सरकार चलाने का अवसर मिला, जबकि हमारी सरकार ने 15 माह में प्रदेश की जनता के लिए बेहतर काम किया है, हमारे 22 विधायकों को कर्नाटक में बंधक बनाकर रखा गया, जबकि जनता ने मुझे पांच साल सरकार चलाने का मौका दिया था, और बीजेपी पहले दिन से ही सरकार गिराने की साजिश रचती रही, महाराज ने लोकतंत्र की हत्या की है, और यह मध्यप्रदेश की जनता के साथ विश्वासघात है, जनता बीजेपी को कभी माफ नही करेगी, और मैं राज्यपाल को इस्तीफा देने जा रहा हूँ।
आज कमलनाथ ने राज्यपाल से मिलकर फ्लोर टेस्ट से पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

कमलनाथ सरकार गिरने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे जनता की जीत बताया है, हाल ही में कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रदेश सरकार रास्ता भटक गई थी. कमलनाथ के इस्तीफे की घोषणा के बाद सिंधिया ने ट्वीट कर कहा आज मध्य प्रदेश में आज जनता की जीत हुई है, मेरा सदैव ये मानना रहा है कि राजनीति जनसेवा का माध्यम होना चाहिए, लेकिन प्रदेश सरकार इस रास्ते से भटक गई थी, सच्चाई की फिर विजय हुई है।

इधर कमलनाथ के इस्तीफे के बाद बीजेपी में भी हलचल तेज हो गई है, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज अपने सभी विधायकों को डिनर पर बुलाया है, कमलनाथ सरकार गिरने के बाद शिवराज सिंह ही मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं, इनके अलावा केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मुख्यमंत्री की दौड़ में हैं, कांग्रेस के विधायकों को तोड़ने में इनकी भी अहम भूमिका रही है, वहीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और नरोत्तम मिश्रा भी मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में शामिल बताए जा रहे हैं। अब देखना ये होगा कि बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद के लिए किसके नाम पर मुहर लगाता है।

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