अरविंद तिवारी

नई दिल्ली/ निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले के चारों दोषियों को आज सुबह 05:30 बजे दिल्ली के तिहाड़ जेल में फांँसी दे दी गई, दोषियों के वकील एपी सिंह ने इस फांसी को रुकवाने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन इसमें कामयाब नही हो सके, और तय समय पर चारों दोषियों को फांसी दे दी गई है।

फाँसी के बाद निर्भया की माँ आशा सिंह ने कहा कि देर से ही सही आज मेरी बेटी को न्याय मिल गया, मैं सरकार न्यायालय को धन्यवाद देना चाहती हूं, जिन्होंने मेरी बेटी को इंसाफ दिलाया।

तिहाड़ जेल के इतिहास में यह पहली बार था, जब एक ही अपराध के लिये एक ही समय पर चार दोषियों को फांँसी दी गई।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सभी दोषियों को फांँसी से पहले उनकी ही सेल में नहलाया गया। फांँसी कोठी के पास बनी अन्य सेल को खाली करा लिया गया था, चारों दोषियों की सेल के बाहर टीएसपी और जेल के सुरक्षाकर्मी तैनात थी, जिनकी हर तीन घंटे के बाद ड्यूटी बदल रही थी, चारों दोषियों को कल फांसी दी जानी थी इसलिये ये चारों दोषी बेहद बेचैन थे, और वे सुबह-शाम को मिलने वाला खाना भी कम खा रहे थे, रात को देर तक जगे रहते थे, फांसी से पहले चारों दोषियों को लाल कपड़े पहनाये गये थे, जिनमें लाल कमीज, लाल बनियान, लाल कच्छा, लाल रंग की पैंट शामिल थी, लाल कपड़ों के अलावा उनके मामले की फाईल का रंग भी लाल था, लाल रंग के कपड़ों का मतलब है कि वह डेंजर जोन में हैं। फाईल लाल रंग की होने से मतलब है कि वह किसी भी टेबल पर जायेगी तो समझ में आ जायेगा कि यह किस मामले की फाईल है।
आखिरकार आज सुबह तय समय सुबह 5:30 को निर्भया गैंगरेप के चारो आरोपियों को दिल्ली के तिहाड़ जेल में एक साथ फांसी दे दी गई।

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