मुंबई/ स्वर्गीय बाला साहेब ठाकरे के जन्म जयंती 23 को जनवरी को अपने ध्वज को केसरिया रंग में बदलने के बाद रविवार को मुम्बई के आज़ाद मैदान में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की बड़ी रैली व सभा हुई, जिसका नेतृत्व मनसे प्रमुख राज ठाकरे कर रहे थे।

राज ठाकरे की पार्टी ने अवैध रूप से देश में घुसे पाकिस्तानी और बांग्लादेशी मुस्लिमों को बाहर निकालने की मांग को लेकर इस रैली का आयोजन किया था। यह रैली हिंदू जिमखाना से शुरू होकर मरीन ड्राइव से होते हुए दक्षिणी मुंबई स्थित आजाद मैदान में समाप्त हुई जहां ठाकरे लाखों कार्यकर्ताओं को सम्बोधित किया, उन्होंने कहा कि भारत में अवैध रूप से रह रहे पाकिस्तानी और बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से जाना ही होगा, राज ने CAA और NRC का समर्थन करते हुए आगे कहा CAA के खिलाफ देशभर में मोर्चा निकाला जा रहा है, और उसका जवाब भी मोर्चे से दिया जाएगा, इसलिए आज यह बड़ा मोर्चा निकाला गया है। राज ठाकरे ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया पर भी अपनी भड़ास निकाली, तथा CAA की बात करते हुए राज ठाकरे ने कहा, ‘ये जो कानून है, जो धार्मिक रूप से पताड़ि‍त थे उनके लिए ये कानून था. तब की परिस्थिति अलग थी, आज की अलग है. CAA-NRC इस विषय पर बहुत पढ़ा मैंने. सिर्फ 4 लाइन का कानून है. भारत ने क्या इंसानियत का ठेका लिया है. 26/11 आतंकी कहां से आये थे? अब बचा NRC. मेरा देश क्या धर्मशाला है?
मैं मानता हूं कि देश में और भी समस्याएं हैं लेकिन घुसपैठियों की बड़ी समस्या है. उन्हें निकालना ही चाहिए।
मनसे प्रमुख ने कहा, ‘अमेरिका का जो ट्विन टावर लादेन ने गिराया वो लादेन पाकिस्तान में मिला. 1993 में धामाके हुए तब आरोपियों को किसने संभाला, पाकिस्तान ने. CAA में गलत क्या है? मीरा रोड में बड़ी संख्या में नाइजीरियन रहते हैं. क्या हालत है वहां पर? इस सबका जोर किसपर पड़ता है, हमारी पुलिस पर. कल मैंने कहीं पढ़ा कि एक बंगलादेशी मुसलमान ने मराठी नाम रखकर हिन्दू युवती से शादी की. हमारे देश के कोंकण के जो मुलसमान हैं वहां कभी दंगे नहीं होते. इसी आजाद मैदान पर रजा अकादमी ने मोर्चा निकाला था. उनकी हिम्मत देखिए पुलिस पर हाथ उठाया. महिला पुलिस पर भी हाथ उठाया. हम क्या चीज हैं. यही काम है. कहा जा रहा है NRC में हिन्दू दलित और आदिवासियों से भी कागज मांगे जाएंगे. अरे वो तो भारतीय हैं, उनसे कैसा कागज मांगने का है. राज्य सरकार से बोलकर कोई फायदा नहीं. केंद्र सरकार से ही कहना होगा. पुलिस को 48 घंटे दो फिर देखो. बम फूटे तो मोमबत्ती जलाने का. हम हिन्दू कब होते हैं, जब दंगल होता है. वरना हम हिन्दू नहीं रहते. ये जो मोर्चे निकाल रहे हैं उन्हें मोर्चे से उत्तर है. आगे पत्थर का पत्थर से उत्तर और तलवार का तलवार से उत्तर देंगे. जो देश का मुसलमान है उनका भी काम है कि वो गलत करने वालों पर नजर रखें, समय रहते बताएं।

बता दें कि एनसीपी और कांग्रेस के साथ शिवसेना की सरकार बनाने के बाद, राज ठाकरे 23 जनवरी 2020 को पार्टी के ध्वज को बदलकर केसरिया रंग में बदलाव किया था, और CAA के समर्थन में बड़ी रैली की घोषणा की थी, अब इस बड़े मोर्चे के बाद शिवसेना के नाराज़ कार्यकर्ता एमएनएस में जा सकते हैं, और CAA के समर्थन में रैली कर मोदी सरकार का समर्थन करना राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को एक बार फिर मजबूत करने का मौका मिला है।

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