अरविंद तिवारी

नई दिल्ली/ मोदी कैबिनेट से आज राम मंदिर ट्रस्ट को मंजूरी मिल चुकी है। इसकी घोषणा संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के 87 दिन बाद इसकी रूपरेखा तैयार हो चुकी है। शीर्ष अदालत ने नौ नवंबर 2019 के अपने निर्णय में अयोध्या में ट्रस्ट के माध्यम से संबंधित स्थल पर राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया था।
इसमें तीन महीने के अंदर ट्रस्ट के गठन की बात कही थी। यही ट्रस्ट राम मंदिर का निर्माण करेगा और उससे संबंधित विषयों पर निर्णय के लिये पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा। ट्रस्ट का पंजीकरण दिल्ली में होगा।
पीएम मोदी ने जब राम मंदिर ट्रस्ट की घोषणा की तब समर्थन में संसद में बीजेपी के सांसदो जय श्री राम के नारे लगाए।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में कहा, ‘‘श्री रामजन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट गठन का प्रस्ताव करता हूँ। मुझे आज इस सदन को, देश को बताते हुये यह खुशी हो रही है कि आज कैबिनेट की बैठक में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ध्यान में रखते हुये कई अहम फैसले लिये गये हैं। राम मंदिर निर्माण के लिये हमने एक वृहद योजना तैयार की है। सरकार ने श्री रामजन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट गठन का प्रस्ताव किया है। यह ट्रस्ट अयोध्या में राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण बनाने के लिये उत्तरदायी होगा। हमने पाँच एकड़ जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को देने के लिये अनुरोध किया था, जिसे उत्तरप्रदेश सरकार ने मान लिया है।’’

चारों मठों के शंकराचार्य हाेंगे ट्रस्ट में शामिल

समाचार लिखे जाने तक प्रधानमंत्री ने ट्रस्ट के सदस्यों के बारे में जानकारी नहीं दी है। लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चारों मठों के शंकराचार्य ट्रस्ट में शामिल हाेंगे। अयोध्या से महंत नृत्य गोपाल दास, दिगंबर अनी अखाड़े के महंत सुरेश दास, निर्मोही अखाड़े के महंत दीनेंद्र दास, गोरक्षपीठ गोरखपुर के प्रतिनिधि, कर्नाटक के उडुपी पेजावर मठ के प्रतिनिधि, विहिप से ओम प्रकाश सिंघल, उपाध्यक्ष चंपतराय, राम मंदिर आंदोलन को आमजन तक पहुंँचाने वाले दिवंगत अशोक सिंघल के भतीजे सलिल, दिवंगत विष्णुहरि डालमिया के परिवार से पुनीत डालमिया, एक दलित प्रतिनिधि और एक महिला प्रतिनिधि ट्रस्ट में शामिल हाेंगी। केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी, प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के रूप में अयोध्या के डीएम काे भी ट्रस्ट में शामिल किया जा सकता है।

गृहमंत्री अमित शाह ने किया ट्वीट

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट करते हुये कहा है कि राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार भारत सरकार ने आज अयोध्या में रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र नाम से ट्रस्ट बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि 15 में से एक ट्रस्टी हमेशा दलित समाज से रहेगा।

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