सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मोदी, योगी, शाह को बीजेपी से निष्कासित करने की कर रहे हैं मांग…

रायपुर/ केंद्र में दूसरी बार मोदी सरकार बनने के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने कई बड़े फैसले लिए हैं, कश्मीर से धारा 370, 35A समाप्त करने के बाद नागरिता संशोधन अधिनियम 2019 को पास कर दिया गया, तथा राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद देश यह कानून लागू भी हो गया है। जिसके तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश के हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, क्रिश्चियन और पारसियों को नागरिता देने का प्रावधान है। जिसका समर्थन और विरोध दोनों हो रहा है। पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह साफ साफ कह चुके हैं कि इस कानून से मुसलमानों को डरने की आवश्यकता नही है, उनकी नागरिता समाप्त करने का सवाल ही नही है। फिर भी देशभर में एक धड़ा इसका विरोध कर रहा है।
भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता जहां मोदी सरकार के इस फैसले से उत्साहित हैं, वहीं पार्टी के अंदर ही CAA के विरोधी सक्रिय हैं।

अल्पसंख्यक मोर्चा के हमीद मंसूरी जो कि डॉ. सलीम राज के समर्थक माने जाते हैं, वो मोदी सरकार के द्वारा पास किए गए नागरिता संशोधन अधिनियम का विरोध कर रहे हैं, जबकि बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के माध्यम से मुस्लिम समुदाय के बीच जाकर उनके भ्रम को दूर करने में लगी हुई है।
इसी तरह बिरगांव मंडल के सैयद कय्यूम अली भी मोदी सरकार के द्वारा बनाए गए CAA का खुलकर विरोध करते नजर आ रहे हैं, ये सोशल मीडिया पर बाकायदा मोदी, शाह और योगी को भाजपा से निष्कासित करने की भी पोस्ट कर चुके हैं। इनपर अबतक कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नही की गई है।
जबकि भारतीय जनता पार्टी ने इन लोगों पर अबतक कोई कार्रवाई नही की है। इसकी काफी चर्चा भी हो रही है, कार्यकर्ताओं का मानना है कि ये लोग प्रदेश में सरकार रहते हुए सत्ता का सुख भोगने भाजपा में आए थे, और अब ये ही लोग केंद्र की मोदी सरकार के लिए निर्णयों का विरोध कर रहे हैं। जबकि जिन कार्यकर्ताओं को नगर निगम चुनाव के दौरान निष्कासित कर दिया गया था, वे भी नागरिता संशोधन अधिनियम के पक्ष में खुलकर हर कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं, साथ सोशल मीडिया पर इसके समर्थन में अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं, जबकि पार्टी के अंदर ही रहकर कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा इसका खुलकर विरोध किया जा रहा है, और रायपुर के वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने अबतक इनपर कार्रवाई की अनुशंसा तक नही की है, न ही कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी देखी गई है।

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